
CMHO डॉ. प्रशांत सिंह की सख्त कार्रवाई, प्रभारी डॉक्टर और ड्यूटी पर तैनात नर्स निलंबित
सूरजपुर/रामानुजनगर :– जिले के रामानुजनगर ब्लॉक अंतर्गत गणेशपुर (श्रीनगर) स्थित स्वास्थ्य केंद्र में कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला को समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली और स्वास्थ्य केंद्र का गेट बंद होने के कारण उसे परिसर के बाहर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। इस दर्दनाक घटना में नवजात की मौत हो गई, जबकि अधिक रक्तस्राव के चलते महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रात 11 बजे अस्पताल पहुंचे परिजन, नहीं खुला गेट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गणेशपुर निवासी अनिल कुमार सारथी बीती रात करीब 11 बजे अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल का मुख्य दरवाजा बंद था। उन्होंने काफी देर तक आवाज लगाई और दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई बाहर नहीं आया।
इसी दौरान महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और स्वास्थ्य केंद्र के बाहर ही प्रसव हो गया। परिजनों के मुताबिक, समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण नवजात को नहीं बचाया जा सका। वहीं, अधिक रक्तस्राव होने से महिला की हालत गंभीर हो गई।
CMHO ने लिया एक्शन, डॉक्टर और नर्स निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. प्रशांत सिंह ने तत्काल कार्रवाई की है। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर और ड्यूटी पर तैनात नर्स को निलंबित कर दिया गया है। घटना को लेकर विस्तृत जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने स्वास्थ्य केंद्रों में रात्रिकालीन ड्यूटी, आपातकालीन सेवाओं और प्रसव के दौरान तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों में यदि आपात स्थिति के दौरान समय पर सहायता नहीं मिलती है, तो मरीजों की जान पर गंभीर संकट पैदा हो सकता है।
फिलहाल, मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही लापरवाही की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब सवाल यह है कि आखिर रात के समय स्वास्थ्य केंद्र का गेट बंद क्यों था और प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को समय पर चिकित्सा सहायता क्यों नहीं मिल सकी?





