
अंबिकापुर :– सरगुजा जिले के अंबिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र में एक shocking मामला सामने आया है। गांव के उपसरपंच पर 15 वर्षीय नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। आरोपी ने न केवल कक्षा सातवीं पढ़ रही बालिका का शोषण किया, बल्कि घटना के बाद परिजनों को लाखों रुपये की पेशकश कर मामले को दबाने की कोशिश भी की। परिजनों ने गांव वालों के साथ थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता परिवार की 15 वर्षीय लड़की उपसरपंच के घर घरेलू कामकाज करती थी। आरोपी ने परिवार को शादी का पूरा खर्च उठाने का लालच भी दिया था। बीते 20 जुलाई को जब बालिका काम के सिलसिले में आरोपी के घर पहुंची, तब उपसरपंच ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
जब पीड़िता ने घर पहुंचकर अपनी आपबीती परिवार को बताई तो आरोपी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए परिजनों को भारी रकम (लाखों रुपये) देने की पेशकश की और थाने जाने से रोकने की कोशिश की। परिजनों ने आरोपी की पेशकश ठुकरा दी और घटना की जानकारी गांव वालों को दी। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ पीड़िता के परिजन कोतवाली थाने पहुंचे और प्राथमिकी दर्ज कराई।
सरगुजा आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां पिछले वर्षों में नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस बार आरोपी का सरपंच पद पर होना पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है। स्थानीय लोगों में आक्रोश है और उन्होंने पुलिस से आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि उपसरपंच ने न केवल बालिका की अस्मत पर हमला किया, बल्कि बाद में धमकी और लालच देकर न्याय से दूर रखने की कोशिश की।



