
NHM ने सभी जिलों के CMHO को दिए जांच के निर्देश, सीएचओ संघ ने जताई आपत्ति, ऑनलाइन रिपोर्टिंग के बहिष्कार का ऐलान
अंबिकापुर :– छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के इंसेंटिव भुगतान को लेकर विवाद गहरा गया है। भुगतान में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने जांच के निर्देश जारी किए हैं। वहीं, जांच संबंधी पत्र को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने आपत्ति जताते हुए अपनी लंबित मांगों के निराकरण की मांग की है। संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर 15 अक्टूबर से प्रदेशभर में ऑनलाइन रिपोर्टिंग कार्य के अनिश्चितकालीन बहिष्कार की चेतावनी दी है।
इंसेंटिव भुगतान में अनियमितताओं की जांच के निर्देश
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन ने 7 अक्टूबर को सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को पत्र जारी किया है। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली और उन्हें दिए जाने वाले इंसेंटिव भुगतान की नियमानुसार जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई कर जांच प्रतिवेदन राज्य कार्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है।
मुख्यालय में नहीं रहने और ड्यूटी में लापरवाही की शिकायतें
जारी पत्र के अनुसार, सीएचओ के इंसेंटिव भुगतान को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आई हैं। इनमें कुछ अधिकारियों के मुख्यालय में निवास नहीं करने, मूल पदस्थापना स्थल पर समय से ड्यूटी नहीं पहुंचने, ऑनलाइन उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम रहने और ऑनलाइन कार्य संतोषजनक नहीं होने जैसी शिकायतें शामिल हैं। इसके अलावा ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोपों की भी जांच की जाएगी।
एनएचएम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर और उप स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव की संख्या शून्य रहने तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर अधिक होने जैसे बिंदुओं का भी उल्लेख किया है। इन्हीं आधारों पर सीएचओ के इंसेंटिव भुगतान की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के पत्र पर सीएचओ संघ को आपत्ति
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने जांच संबंधी पत्र पर आपत्ति जताई है। संघ ने पत्र को निरस्त या संशोधित करने के साथ अपनी लंबित मांगों का निराकरण करने की मांग उठाई है।
संघ का कहना है कि इंसेंटिव भुगतान की जांच पारदर्शी तरीके से और निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। भुगतान में कथित अनियमितताओं की जांच के साथ सीएचओ से जुड़े अन्य मुद्दों को जोड़ना उचित नहीं है। संघ के अनुसार, इस संबंध में एनएचएम अधिकारियों को पहले भी पत्र सौंपे जा चुके हैं।
15 अक्टूबर से ऑनलाइन रिपोर्टिंग का अनिश्चितकालीन बहिष्कार
सीएचओ संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयसीमा में उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो 15 अक्टूबर से प्रदेशभर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ऑनलाइन रिपोर्टिंग कार्य का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करेंगे। संघ ने 12 अक्टूबर को भी अंतिम सूचना भेजकर कार्रवाई की मांग किए जाने की बात कही है।
अब देखना होगा कि एनएचएम प्रबंधन जांच के निर्देशों पर आगे क्या कार्रवाई करता है और सीएचओ संघ की मांगों को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है। फिलहाल, जांच के आदेश और आंदोलन की चेतावनी के बीच प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।





