हर चुनाव में वादा, हर बारिश में सजा! टईया नाले पर पुलिया नहीं होने से बारिश में कैद ग्रामीण

बलरामपुर आजादी के दशकों बाद भी ‘टईया नाले’ पर पुलिया का इंतजार, बारिश में कैद रहने को मजबूर विश्राम नगर के ग्रामीण
बलरामपुर/रामानुजगंज :– जिला मे सरकारें चाहे प्रदेश में बेहतर सड़कों और सुशासन के जितने भी बड़े-बड़े दावे कर लें, लेकिन बलरामपुर जिले के सुदूर इलाके में बसे विश्राम नगर की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है, आश्रित ग्राम पंचायत ब्रजवंधा का विश्राम नगर गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यहां के ग्रामीणों के लिए टईया नाला सालों से एक बड़ी मुसीबत बना हुआ है, नाले पर आज तक एक छोटी पुलिया भी नहीं बन पाई है जिसके कारण हर बारिश में करीब 10 गांवों का संपर्क बाकी दुनिया से कट जाता है।
चुनाव आते ही मिलते हैं सिर्फ आश्वासन :–
स्थानीय लोगों का दर्द है कि जब भी चुनाव आता है तो नेता और मंत्री बड़े-बड़े वादे करके चले जाते हैं। लेकिन चुनाव खत्म होते ही सारे वादे हवा हो जाते हैं। प्रदेश में सरकारें बदलती रहीं पर विश्राम नगर के लोगों की किस्मत नहीं बदली लगातार हो रही परेशानी से तंग आकर अब ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित आवेदन दिया है और जल्द से जल्द पुलिया बनवाने की मांग की है।
बच्चों की पढ़ाई ठप राशन मिलना भी बंद स्कूल जाने से रोक रही बहती नदी :–
नाले के दूसरी तरफ उच्च प्राथमिक और हाईस्कूल हैं बारिश में नाले का बहाव इतना तेज हो जाता है कि बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है या फिर हफ्तों घर पर ही बैठना पड़ता है।
नाला में उफान होने से राशन और बाजार बंद :–
हाटबाजार नहीं जा पा रहे हैं और न ही सरकारी राशन दुकान तक पहुंच पा रहे हैं इलाज के अभाव में बनी रहती है जान की आफत सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनती है जब किसी मरीज को अचानक अस्पताल ले जाना पड़े। रात के समय या बारिश के दिनों में किसी गंभीर मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना किसी चमत्कार से कम नहीं होता। कई बार वक्त पर इलाज न मिलने से लोगों की जान पर बन आती है।
आखिर कब जागेगा प्रशासन :–
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार चाहे किसी की भी हो, जनता को सड़क और पुल जैसी बुनियादी चीजें तो मिलनी ही चाहिए। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस सुदूर गांव की सुध कब लेता है, या फिर ग्रामीणों को इस साल भी बारिश के दिनों में अपने ही घर में कैद होकर रहना पड़ेगा।





