
सूरजपुर/रामानुजनगर :– सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजनगर के जुलाई और अगस्त 2026 के डॉक्टर ड्यूटी रोस्टर को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। उपलब्ध रोस्टर के अवलोकन से यह प्रतीत होता है कि नाइट ड्यूटी का भार कुछ सीमित डॉक्टरों पर अधिक डाला गया है, जबकि कुछ अन्य चिकित्सकों के नाम नाइट ड्यूटी में बहुत कम या बिल्कुल दिखाई नहीं देते।
सूत्रों के अनुसार तो रामानुजनगर के एक डॉक्टर जिनका पहुंच काफी ऊपर तक, बताया जा रहा कि वीडियो भी वायरल हुआ था मरीज के साथ अभद्र व्यवहार का फिर भी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुआ।
विश्वसनीय सूत्र का साफ कहना है इनकी पहुंच इतनी की चाहे वीडियो वायरल हो या रात की ड्यूटी रोस्टर में नाम नहीं हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, बड़े अधिकारी भी इनके आगे नतमस्तक हो जाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग में चर्चा है कि यदि सभी चिकित्सक समान रूप से कार्यरत हैं, तो नाइट ड्यूटी के आवंटन में समानता क्यों नहीं दिखाई दे रही। कर्मचारियों का कहना है कि नाइट ड्यूटी सबसे चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक होती है, इसलिए इसका वितरण पारदर्शी और समान होना चाहिए।
जानकारों का मानना है कि यदि रोस्टर में किसी चिकित्सक को विशेष प्रशासनिक, चिकित्सकीय या अन्य कारणों से नाइट ड्यूटी से छूट दी गई है, तो इसका स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। अन्यथा इससे पक्षपात और भेदभाव की आशंका पैदा होती है।
अब सवाल उठ रहा कि…
क्या नाइट ड्यूटी आवंटन के लिए कोई निर्धारित नीति अपनाई गई?
कुछ चिकित्सकों को लगातार नाइट ड्यूटी से राहत क्यों दी गई?
क्या इसके लिए सक्षम अधिकारी की कोई विशेष अनुमति या आदेश मौजूद है?
स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे इस मामले में स्थिति स्पष्ट करें ताकि कर्मचारियों में भ्रम समाप्त हो और ड्यूटी व्यवस्था की पारदर्शिता बनी रहे।
(नोट: यह समाचार उपलब्ध ड्यूटी रोस्टर के अवलोकन के आधार पर उठे सवालों पर आधारित है। यदि विभाग या संबंधित अधिकारी का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)





