
सूरजपुर/बेमेतरा :– छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ, जिला सूरजपुर ने बेमेतरा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के खिलाफ गंभीर शिकायतों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में CMHO पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के साथ कथित रूप से गरिमा-विरोधी व्यवहार करने, महिला कर्मचारियों के प्रति अनुचित आचरण, मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना, धमकी देने तथा प्रशासनिक शक्तियों के कथित दुरुपयोग जैसे आरोप लगाए गए हैं। संघ ने मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने और जांच अवधि में अधिकारी को वर्तमान पद से हटाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बेमेतरा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से कई गंभीर शिकायतें संघ के संज्ञान में लाई गई हैं। आरोप है कि बैठकों के दौरान CHO संवर्ग को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है तथा अन्य संवर्गों के कार्यों का दायित्व भी CHO पर डाला जाता है। संघ का दावा है कि इससे कर्मचारियों की गरिमा, मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
महिला कर्मचारियों से अनुचित व्यवहार का आरोप
ज्ञापन में महिला कर्मचारियों के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने, बैठकों में उन्हें असहज करने तथा बिना अनुमति स्पर्श करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा बैठकों के दौरान महिला कर्मचारियों पर कथित रूप से गलत नजर रखने और अनुचित व्यवहार करने की शिकायत का भी उल्लेख है।
धमकी और मानसिक दबाव के भी आरोप
संघ ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों पर पर्याप्त मानव संसाधन नहीं होने के बावजूद असंगत एवं असंभव कार्य लक्ष्य देकर मानसिक दबाव बनाया जाता है। बैठक के दौरान CR/APAR खराब करने, नौकरी समाप्त कराने, FIR कराने अथवा निपटा देने जैसी कथित धमकियां देने का भी आरोप ज्ञापन में लगाया गया है।
इसके साथ ही कर्मचारियों को घंटों खड़ा रखकर समीक्षा करने, अत्यधिक लंबी बैठकें आयोजित करने और भय एवं अपमान का वातावरण निर्मित करने की शिकायत भी की गई है। संघ ने NHM द्वारा निर्धारित Terms of Reference (TOR) के विपरीत कार्य कराने का भी आरोप लगाया है।
वेतन रोकने और भेदभाव का आरोप?..
ज्ञापन में बिना स्पष्ट लिखित आदेश एवं सक्षम प्राधिकारी की विधिसम्मत प्रक्रिया के वेतन रोकने का आरोप लगाया गया है। मुख्यालय निवास के मामले में केवल CHO संवर्ग के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करने तथा वेतन रोकने और सेवा संबंधी कार्रवाई की धमकी देने की बात भी कही गई है।
POSH Act के तहत जांच की मांग…
संघ ने महिला कर्मचारियों से संबंधित शिकायतों की जांच POSH Act के प्रावधानों के अनुरूप कराने की मांग की है। साथ ही जिला बेमेतरा के CMHO के खिलाफ स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने और जांच की निष्पक्षता के लिए जांच अवधि में उन्हें वर्तमान पद से हटाने अथवा अन्यत्र पदस्थ करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में लंबित वेतन तत्काल जारी करने, CHO से NHM के निर्धारित TOR के अनुरूप ही कार्य लेने और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए उचित कार्यप्रणाली विकसित करने की मांग भी की गई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी…
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि ज्ञापन प्राप्त होने के दो सप्ताह के भीतर यदि प्रभावी एवं ठोस प्रशासनिक कार्रवाई शुरू नहीं की जाती है या शिकायतों के निराकरण के लिए सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तो संघ प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के साथ चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं अन्य वैधानिक लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बाध्य होगा।
संघ ने स्पष्ट किया है कि आरोप जांच में सत्य पाए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों एवं अन्य लागू सेवा नियमों के तहत विभागीय और विधिसम्मत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।





