
चौकी प्रभारी के खिलाफ वसूली-धमकी के आरोपों संग विधायक को सौंपा ज्ञापन
सरपंचों का एकजुट विरोध: “प्रेमनगर थाना क्षेत्र के उमेश्वरपुर, सलका चौकी प्रभारी संजय यादव पर आरोपों का भंडार, धमकी, वसूली और फर्जी केस के ग्रामीणों जनप्रतिनिधियों को देते है फंसाने की धमकी, जल्द नहीं हटाए तो करेंगे आंदोलन
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि चौकी प्रभारी का रवैया लगातार आक्रामक बना हुआ है और वे हथियार के साथ घूमते हुए लोगों को डराते हैं, जिससे विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्र के सीधे-साधे लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
सूरजपुर/प्रेमनगर :– जिले के प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। सलका/उमेश्वरपुर पुलिस चौकी की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और जनप्रतिनिधियों का धैर्य अब जवाब देता दिख रहा है। गंभीर आरोपों और लंबित जांच के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज सरपंचों ने एकजुट होकर अब सीधे मोर्चा खोल दिया है।
दरअसल, पूरे मामले की पृष्ठभूमि बीते तीन माह से चल रही शिकायतों और जांच से जुड़ी हुई है। 9 जनवरी 2026 को पहली बार चौकी प्रभारी संजय सिंह यादव के खिलाफ सरपंचों ने विधायक भूलन सिंह मरावी को शिकायत सौंपी थी, जिसमें आम जनता को परेशान करने, झूठे मामलों में फंसाने और डराकर पैसे वसूलने जैसे आरोप लगाए गए थे। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा एसडीपीओ प्रेमनगर को जांच सौंपी गई थी।
जांच प्रक्रिया के तहत 2 फरवरी 2026 को संबंधित सरपंचों को बुलाकर बयान दर्ज किए गए, जिसमें अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने चौकी प्रभारी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि की। इसके बावजूद तीन महीने बीत जाने के बाद भी न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही तबादले जैसा कोई कदम उठाया गया, जिससे क्षेत्र में नाराजगी लगातार बढ़ती गई।
इसी बढ़ते असंतोष के बीच 25 अप्रैल 2026 को जनपद पंचायत प्रेमनगर के करीब 10 सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने फिर से विधायक को ज्ञापन सौंपते हुए चौकी प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग दोहराई। शिकायत में स्पष्ट आरोप लगाया गया है कि चौकी प्रभारी द्वारा न केवल आम लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया जाता है।
सरपंचों के अनुसार, चौकी में अपनी समस्या लेकर पहुंचने पर उन्हें यह तक कहा जाता है कि “मैं ही विधायक हूँ, मैं ही मंत्री हूँ, मैं ही एसपी हूँ, तुम लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।” ऐसे कथित बयान और व्यवहार से ग्रामीणों में भय का माहौल गहराता जा रहा है।
शिकायत में सरस्वतीपुर, बकालो, कोतल, जयपुर, लक्ष्मीपुर, नमना, अनंतपुर, श्यामपुर, वृंदावन और उमेश्वरपुर सहित कई ग्राम पंचायतों के सरपंचों के हस्ताक्षर और मुहर दर्ज हैं। जनप्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि चौकी प्रभारी का रवैया लगातार आक्रामक बना हुआ है और वे हथियार के साथ घूमते हुए लोगों को डराते हैं, जिससे विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्र के सीधे-साधे लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अब यह मामला केवल एक चौकी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर बेहतर पुलिसिंग के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर उठ रहे आरोप उन दावों की हकीकत को चुनौती दे रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने संकेत दिए हैं कि यदि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे को उच्च स्तर तक ले जाएंगे, जिससे आने वाले समय में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।





