
सूरजपुर :– सूरजपुर जिले में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान लगातार 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए शासन ने 20 अप्रैल से राज्य के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया था, ताकि बच्चों को लू और तेज गर्मी से बचाया जा सके।
हालांकि, इस आदेश के बावजूद जिले के कुछ निजी विद्यालय खुलेआम नियमों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं। ये स्कूल “समर कैंप” के नाम पर बच्चों को विद्यालय बुलाया जाना और गतिविधियां संचालित करना। इस कदम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समर कैंप :– इतनी तापमान के बावजूद बच्चों की सुरक्षा को दरकिनार करना कहा से सही है! जबकि न्यूज चैनल और अखबार में भी इस भीषड़ गर्मी के बारे में बताया जा रहा उसके बाद भी अनदेखी क्यों?
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब भीषण गर्मी के कारण नियमित कक्षाओं को बंद करना जरूरी समझा गया, तो फिर समर कैंप किस आधार पर सुरक्षित माने जा रहे हैं? क्या यह सिर्फ आदेशों को दरकिनार करने का एक तरीका है, या फिर निजी स्कूलों को मनमानी की खुली छूट मिल गई है?
अभिभावकों में भी इस स्थिति को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता कर ऐसे कैंप आयोजित करना न केवल नियमों का उल्लंघन है?
यह मामला प्रशासनिक उदासीनता को भी उजागर करता है। अब तक शिक्षा विभाग की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे निजी विद्यालयों के हौसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं।
ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करे और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई करे। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।



