
ठेकेदार-विभाग सांठगांठ पर अविनाश साहू का हमला: जमीनी जांच में खुली भ्रष्टाचार की परतें!
सूरजपुर/रामानुजनगर :– जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी अविनाश साहू ने निशाना साधते हुए कहा भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का दीमक विकास योजनाओं को किस कदर खोखला कर रहा है इसकी एक भयावह तस्वीर रामानुजनगर के मकरंदीपुर (पिवरी चौक-तिवरागुड़ी) मार्ग पर देखने को मिली यहां लोक निर्माण विभाग के संरक्षण में . जवाहरलाल गुप्ता फर्म द्वारा ₹782 लाख की लागत से बनाए जा रहे सड़क सह पुलिया में जनता की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी अविनाश साहू ने अपने साथियों राजू राजवाड़े और इमरान अंसारी के साथ मौके पर पहुँचकर न केवल इस भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया बल्कि विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार भी लगाई।
भ्रष्टाचार का खेल:– छड़ों की जगह मिले पुराने जंग लगे लोहे के टुकड़े
ग्रामीणों के लगातार शिकायत पर निरीक्षण करने पहुंचे जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी अविनाश साहू ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए निर्माणाधीन पुलिया के फाउंडेशन (बेस) में जो दृश्य दिखा उसने तकनीकी सक्षमता की धज्जियां उड़ा दीं पुलिया की मजबूती के लिए जहाँ छड़ों का मजबूत जाल होना चाहिए था वहाँ ठेकेदार ने लोहे के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर केवल दिखावे के लिए ऊपर से धंसा दिए थे साहू ने अपने साथियों और ग्रामीणों के साथ जब उन छड़ों को हाथ से खींचा तो 70 प्रतिशत से अधिक छड़ें मिट्टी के खिलौने की तरह बाहर निकल गए।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर हमारे कमाई पर सरकार टैक्स की वसूली कर निर्माण कार्य हो रहा है। अविनाश साहू ने इसे हत्या की साजिश करार देते हुए कहा कि जो पुलिया का नीव एक साधारण इंसान के हाथ से खींचने पर उखड़ जाए वह भविष्य में स्कूल जाने वाले बच्चों और भारी वाहनों का बोझ कैसे उठाएगी।
अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत?…..
इस भ्रष्टाचार में कई सवाल खड़े हो रहे जिसका जवाब लेने के लिए पीडब्ल्यूडी के एसडीओ साहब को कॉल किया गया, उन्हें भी मालूम है सवाल के घेरे में हैं जिसका जवाब शायद उनके पास नहीं इस लिए कॉल नहीं उठा पाए।
आखिर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों क्या है इसके पीछे का राज?
क्या इस भ्रष्टाचार में अधिकारी हैं शामिल जिससे मोटी कमाई हो रही?
सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार :– सूरजपुर पीडब्ल्यूडी के कुछ अधिकारी कई वर्षों से यहां अपना पैर जमाए हुए हैं, जो साफ दर्शाता है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। और इतने बड़े लागत से पुल बन रहा जिसे इस तरह अधिकारी द्वारा अनदेखी कर देना कही न कही सिद्ध करता है कि मिलावट सिर्फ निर्माण में नहीं चौगुनी कमाई में भी है।
भ्रष्टाचार के सबूत सामने देख अविनाश साहू ने तत्काल पीडब्ल्यूडी के एसडीओ सुरेश मिश्रा को मौके पर तलब किया कार्यस्थल पर पहुँचे एसडीओ को स्थानीय लोगों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा साहू ने एसडीओ को दो टूक शब्दों में कहा कि भाजपा सरकार में ठेकेदार बेलगाम हो चुके हैं और जनता के ₹782 लाख भाजपा नेताओं और ठेकेदारों की जेबों में जा रहे हैं अधिकारियों ने आनन-फानन में अपनी गलती स्वीकार करते हुए कार्य को रोक दिया और पुनः सुधार कर ठेकेदार को निर्माण कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन को सीधी चेतावनी अब दफ्तरों में नहीं, सड़कों पर होगा फैसला
‘’प्रशासन कान खोलकर सुन ले अब लीपापोती या कागजी खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा अगर दोषी इंजीनियर को निलंबित नहीं किया गया और भ्रष्ट ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो कांग्रेस का अगला कदम दफ्तरों के अंदर नहीं बल्कि सड़कों पर होगा’’— अविनाश साहू, जिला मीडिया प्रभारी कांग्रेस
इस खुलासे के बाद से पूरे क्षेत्र में विभाग और सत्ताधारी दल के खिलाफ भारी जनाक्रोश देखा जा रहा अब देखना यह है कि प्रशासन इस शर्मनाक डकैती पर क्या दंडात्मक कार्रवाई करता है इस दौरान ग्रामीण जनप्रतिनिधि वीरभद्र सिंह सरपंच प्रतिनिधि,
मनोज राजवाड़े पूर्व उप सरपंच पिवरी,
राजू राजवाड़े युवा कांग्रेस रामानुजनगर,
नरेश राजवाड़े उप सरपंच, राम प्रताप सोनवानी पंच, गणेश सिंह पंच,बनारसी सिंह पंच, सुरेंद्र राजवाड़े, आकाश राजवाड़े धनेश्वर,हीरालाल,शंकर, कृष्ण सोनवानी,प्रवीण कुमार, दीपकुमार सोनवानी, पीके सिंह कलेश्वर सिंह लोग मौजूद रहे।



