
अंबिकापुर :– शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अपनी अब तक की सबसे कठोर और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पिछले कई दिनों से चर्चा का विषय बने ‘कामोदा रिजॉर्ट’ द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को सोमवार सुबह प्रशासनिक टीम ने ढहा दिया। भारी पुलिस बल और कई बुलडोजरों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने शहर के रसूखदारों के बीच हड़कंप मचा दिया है। जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकारी जमीन की मुक्ति: 45 डिसमिल बेशकीमती भूमि पर था कब्जा…
प्रशासनिक अमले ने अपनी इस मुहिम के दौरान रिजॉर्ट के उस बड़े हिस्से को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, जो लगभग 45 डिसमिल सरकारी जमीन को दबाकर बनाया गया था। जांच के दौरान यह पाया गया था कि रिजॉर्ट संचालक ने इस बेशकीमती शासकीय भूमि पर न केवल कब्जा किया था, बल्कि वहां अवैध रूप से पक्का निर्माण कार्य कर उसे अपने व्यावसायिक लाभ के लिए उपयोग में ले रहा था। राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश करने के बाद अवैध पाए गए निर्माणों को चिन्हित किया और फिर उस पर ‘पीला पंजा’ चलाकर जमीन को शासन के अधिकार में वापस ले लिया।
विवाद के बाद प्रशासन का कड़ा प्रहारः आलोचनाओं का करना पड़ा था सामना
उल्लेखनीय है कि इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि दो दिन पूर्व ही तैयार हो गई थी। जब प्रशासनिक अधिकारी पहली बार अतिक्रमण हटाने के लिए रिजॉर्ट पहुंचे थे, तब संचालक ने अधिकारियों के साथ जमकर बदसलूकी और विवाद किया था। उस समय बढ़ते तनाव और विरोध के कारण दल-बल को बिना कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा था। इस घटना के बाद सोशल मीडिया और आम जनता के बीच प्रशासन की काफी आलोचना हो रही थी और प्रशासनिक साख पर सवाल उठ रहे थे। अपनी खोई हुई साख वापस पाने और कानून का इकबाल बुलंद करने के लिए प्रशासन ने आज दुगनी तैयारी के साथ धावा बोला।
सुबह की छापेमारी: सुबह 7 बजे ही पहुंच गया अमला..
अधिकारियों ने पिछली गलती से सबक लेते हुए रणनीति बदली और आज अलसुबह करीब 7 बजे ही रिजॉर्ट परिसर में प्रवेश कर लिया। जब तक रिजॉर्ट प्रबंधन या उनके समर्थक सक्रिय हो पाते, प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी थी। अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि कानून से ऊपर कोई भी व्यक्ति या संस्था नहीं है, चाहे उसका रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो। सुबह-सुबह हुई इस अचानक कार्रवाई ने संचालक को विरोध का कोई मौका नहीं दिया और घंटों चली मशक्कत के बाद अवैध ढांचा धराशायी हो गया।
कड़ी सुरक्षा :– छावनी में तब्दील पूरा इलाका
कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और राजस्व विभाग के आला अधिकारी तैनात रहे। बुलडोजर चलते ही आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने रिजॉर्ट की ओर जाने वाले रास्तों को बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया था ताकि बाहरी हस्तक्षेप को रोका जा सके।
शहर के सभी अतिक्रमणकारियों में हड़कंप: प्रशासन की सख्त चेतावनी
कामोदा रिजॉर्ट पर हुई इस कार्रवाई के बाद अंबिकापुर के अन्य रसूखदार अतिक्रमणकारियों और भू-माफियाओं में भी दहशत का माहौल है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह तो केवल शुरुआत है। शहर के सौंदर्यीकरण और विकास की राह में बाधा बनने वाले हर एक अवैध निर्माण को आने वाले समय में इसी तरह हटाया जाएगा। कलेक्टर और नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में चिन्हित किए गए अन्य अवैध कब्जों पर भी इसी तरह की सर्जिकल स्ट्राइक देखने को मिल सकती है।





