
सूरजपुर :– सूरजपुर जिले के एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र की गायत्री भूमिगत खदान में ठेकेदारी के तहत काम कर रहे मजदूरों ने वेतन भुगतान को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई है। मजदूरों का आरोप है कि अप्रैल 2025 से उन्हें नियमित वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर के राशन तक का खर्च प्रभावित हो रहा है।
बेरोजगारी और गरीबी से मजदूर हुए बेबस?:–
मजदूरों के मुताबिक ठेकेदार मनोहर जायसवाल की फर्म एमजी कंस्ट्रक्शन द्वारा उन्हें निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के बजाय करीब 700 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। मजदूरों का आरोप है कि उनके बैंक खातों में करीब 1,354 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से राशि जमा किया जाना है, लेकिन कथित तौर पर 700 रुपए की मजदूरी के बाद बची राशि उनसे बैंक खाते से निकलवाकर ठेकेदार द्वारा वापस ले लिया जाएगा है,,,
मजदूरों का कहना है कि यदि बैंक रिकॉर्ड और वास्तविक भुगतान में इतना बड़ा अंतर है, तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने एसईसीएल विश्रामपुर के महाप्रबंधक और गायत्री खदान के लेबर ऑफिसर से शिकायत की, लेकिन आरोप है कि शिकायतों पर ठोस कार्रवाई के बजाय उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा।
लगातार अनदेखी से परेशान मजदूर अब सूरजपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को शिकायत सौंपकर मामले में तत्काल जांच और जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मामला मजदूरों की मेहनत की कमाई और उनके कानूनी अधिकारों से जुड़ा है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन मजदूरों के आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाता है या फिर यह शिकायत भी आश्वासन तक सीमित रह जाती है।



