
सूरजपुर :– जिला मुख्यालय की नगर पालिका परिषद सूरजपुर में तकनीकी और प्रशासनिक कर्मचारियों की कमी के कारण विकास कार्यों के प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है। नगर पालिका अध्यक्ष कुसुमलता राजवाड़े ने जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल को पत्र भेजकर तीन उप अभियंताओं की नियुक्ति और 15 अतिरिक्त प्लेसमेंट कर्मचारियों की भर्ती की स्वीकृति देने की मांग की है।
अध्यक्ष ने पत्र में बताया है कि नगर पालिका क्षेत्र में अधोसंरचना मद से करीब 5 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हैं। इसके अलावा निकाय मद से भी विभिन्न निर्माण और विकास कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों की तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता जांच और समय पर क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त तकनीकी अमले की जरूरत है। लेकिन वर्तमान में अधिकांश कार्यों का दारोमदार महज एक उप अभियंता पर होने से कार्यों की निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर दबाव बना हुआ है।
स्वीकृत पद, फिर भी अमले का टोटा
नगर पालिका के स्वीकृत सेटअप में एक एसडीओ और चार उप अभियंताओं के पद स्वीकृत हैं। वहीं प्लेसमेंट कर्मचारियों के लिए कुल 57 पदों का सेटअप निर्धारित है। अध्यक्ष का कहना है कि जिला मुख्यालय होने के कारण नगर पालिका पर सामान्य नगरीय कार्यों के साथ-साथ अतिरिक्त प्रशासनिक और विकास संबंधी जिम्मेदारियां भी रहती हैं। ऐसे में मौजूदा मानव संसाधन पर्याप्त नहीं है।
विकास कार्यों की निगरानी पर बढ़ रहा दबाव
नगर पालिका में बड़ी संख्या में निर्माण और विकास कार्य संचालित होने के बावजूद तकनीकी कर्मचारियों की कमी से कार्यों की निगरानी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। एक ही उप अभियंता पर अधिक कार्यों की जिम्मेदारी होने से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच, स्थल निरीक्षण और तकनीकी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
अध्यक्ष ने प्रभारी मंत्री से मांग की है कि नगर पालिका के लंबित एवं स्वीकृत विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के बेहतर संचालन के लिए तीन उप अभियंताओं की नियुक्ति तथा 15 अतिरिक्त प्लेसमेंट कर्मचारियों की भर्ती को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी जाए।
अब करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के बीच कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए शासन स्तर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह देखने वाली बात होगी। नगर पालिका अध्यक्ष की इस मांग से साफ है कि विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए निकाय में तकनीकी और प्रशासनिक अमले को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।





