
अम्बिकापुर :– जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने गुरु-शिष्य की पवित्र परंपरा और शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। अंबिकापुर के शासकीय राजमोहिनी कन्या महाविद्यालय में इतिहास विभाग के एक सहायक प्राध्यापक पर अपनी ही छात्रा को लंबे समय तक प्रताड़ित करने और उसकी शादी तुड़वाने का गंभीर आरोप लगा है।
आरोपी की प्रताड़ना और अश्लील हरकतों से तंग आकर अंततः पीड़िता ने पुलिस की शरण ली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्राध्यापक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना के बाद से शहर के शैक्षणिक गलियारों में आक्रोश और सन्नाटा पसरा हुआ है।
2025 से शुरू हुआ प्रताड़ना का सिलसिला: अश्लील मैसेज और मानसिक दबाव
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी सहायक प्राध्यापक डॉ. चंद्र किशोर कौशल (30 वर्ष) पिछले एक साल से छात्रा को परेशान कर रहा था। साल 2025 की शुरुआत में आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से छात्रा से सामान्य बातचीत शुरू की, लेकिन जल्द ही उसने अपनी मर्यादा लांघ दी। अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान आरोपी ने छात्रा को अश्लील फोटो और अभद्र संदेश भेजना शुरू कर दिया। छात्रा ने साहस दिखाते हुए पहले आरोपी का नंबर ब्लॉक किया और फिर इसकी शिकायत अपने परिजनों सहित महाविद्यालय प्रबंधन से की। प्रबंधन ने उस समय आरोपी को सख्त चेतावनी भी दी थी, लेकिन इसका उस पर कोई असर नहीं हुआ।
साजिश के तहत तुड़वाई शादी और सुनसान जगह पर ले जाकर छीना मोबाइल
आरोपी की सनक इस हद तक बढ़ गई कि उसने छात्रा के सामाजिक जीवन को बर्बाद करने की ठान ली। पीड़िता की शादी 1 मई 2026 को तय हुई थी, लेकिन आरोपी ने वर पक्ष से संपर्क कर उन्हें छात्रा के बारे में गलत जानकारी दी और गुमराह कर शादी तुड़वा दी। इतना ही नहीं, 27 फरवरी 2026 को आरोपी ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर छात्रा को एक सुनसान स्थान पर रोका और डरा-धमकाकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया, ताकि उसके खिलाफ मौजूद डिजिटल सबूतों को नष्ट किया जा सके। इस घटना के बाद पीड़िता गहरे मानसिक तनाव और सामाजिक लोक-लाज के भय में आ गई थी।
कानूनी कार्रवाई और आरोपी का आत्मसमर्पण: पुलिस ने भेजा न्यायिक रिमांड पर
बार-बार के अपमान और प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने कोतवाली थाना अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध क्रमांक 160/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के डर से आरोपी चंद्र किशोर कौशल फरार चल रहा था। दबाव बढ़ता देख आरोपी ने 4 मई 2026 को अंबिकापुर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने न्यायालय की अनुमति से उसे विधिवत गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।





