छत्तीसगढ़सूरजपुर

रोकने के बाद भी मंडप लगाने से लड़की को लाया गया सखी वन स्टॉप सेंटर..

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सूरजपुर :– कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रमेश साहू के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल के नेतृत्व में जिला बाल संरक्षण की टीम लगातार सक्रिय है। टीम की सक्रियता तीन दिन में आधा दर्जन से ज्यादा बाल विवाह जिले में रोके गये है।     प्रतापपुर के एक गांव में 16 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रोक दिया गया था। बालिका के विवाह रोकने के बाद भी विवाह कर दिया जा रहा है तो प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती संतोषी, तहसीलदार एवं थाना प्रतापपुर के संयुक्त टीम द्वारा जांच करने पर पाया कि विवाह रोकने के बाद भी मण्डप लगा लिया गया है और विवाह के रस्म निभाये जा रहे है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर बालिका को रेस्क्यू किया गया। जिसकी जानकारी बाल कल्याण समिति को दी गई और आश्रय के लिए बालिका को सखी वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। इसके साथ ही भैयाथान विकासखण्ड के एक गांव में 17 वर्षीय लड़की के विवाह की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची तो पाया की घर अंदर से बंद है और घर में 2-3 औरतें हैं। बाकी सभी अन्यत्र चले गये है। आंगन के जांच करने पर पाया गया कि आंगन में मण्डप लगा था। जिसे तुरत उखाड कर मिट्टी डालकर लिपाई कर दी गयी। घर के निरीक्षण मे पाया गया कि घर के अंदर में तीन भठ्ठे लगाये गये है और बड़ी मात्रा में खाना बन रहा था। सरपंच को बुलाकर समझाईश पर उसके घर वाले उपस्थ्ति हुए। और बताये कि बालिका के जिद पर विवाह करना पड़ रहा है। बालिका को जब प्रस्तुत किया गया तो ऐसा लग रहा था कि उसका विवाह आज कर दिया जायेगा। उसकी सुरक्षा के बालिका को बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत करने के लिए सखी में लाया गया।     एक अन्य प्रकरण में ग्रामीणों की शिकायत पर कोरबा का एक परिवार बालिका को लेकर सूरजपुर से रामानुजनगर विकासखंड में आया हुआ है और बालिका का विवाह कर रहा है। जिला बाल संरक्षण की टीम मौके पर गई और बाल विवाह रोक कर बालिका सहित परिवार की कोरबा रवाना किया और कोरबा में संपर्क कर सुनिश्चित किया की परिवार घर पहुँच गया है। रामानुजनगर विकासखण्ड के एक 17 वर्षीय बालक का बाल विवाह की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। जहाँ पता चला की बारात आज ही सरगुजा के लिए चली गयी है। संयुक्त टीम की उपस्थिति में गाँव के सरपच के हस्तक्षेप से बारात को वहाँ से वापस बुलाया गया। तब तक टीम उन्ही के घर बैठी रही। बारात बिना विवाह के वापस आने पर पंचनामा लडके का कथन एवं उसके पिता का कथन लिया गया और विवाह आने वाले चार वर्ष नहीं करने को कहा गया।

तीन दिन में संयुक्त टीम ने प्रतापपुर में 03 बाल विवाह, भैयाथान में 02 बाल विवाह एवं रामानुजनगर में 02 बाल विवाह रोका गया है।

बाल विवाह रोकवाने वाले जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज कुमार जायसवाल, जिला बाल संरक्षण इकाई के अखिलेश सिंह संरक्षण अधिकारी, अमित भारिया जैनेन्द्र दुबे, श्रीमती अंजनी साहु, पवन धीवर, चाइल्डलाइन से कार्तिक मजुमदार, सुश्री शीतल सिंह, रमेश साहू, सुश्री नंदनी खटिक महिला एंव बाल विकास विभाग से श्रीमती संतोशी सिंह प्रभारी परियोजना अधिकारी प्रतापपुर, श्रीमती भारती पटेल प्रभारी परियोजना अधिकारी रामानुजनगर, श्रीमती शीला वर्मा पर्यवेक्षक, श्रीमती धनेश्वरी मरावी पर्यवेक्षक, थाना भैयाथान से प्रधान आरक्षक चंदकाता मुंजनी, आरक्षक विनोद प्रताप सिंह, चौकी बसदेई से प्रधान आरक्षक शिवकुमार सारथी, आरक्षक ओस्कर मिंज, शिवराज साय, महिला आरक्षक प्रफुल्ला मिंज, सरपंच सुमित्रा अगरिया उपस्थित थे।

Fareed Khan

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