
सड़क बनने पर महापौर मंजूषा भगत का जताया आभार…
अम्बिकापुर :– लंबे समय से बदहाल और जर्जर स्थिति में पड़ी स्कूल रोड के निर्माण कार्य शुरू होने और सड़क को नया स्वरूप मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। वर्षों से धूल, कीचड़ और गड्ढों की समस्या झेल रहे स्थानीय लोगों ने आखिरकार सड़क निर्माण होने पर मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। इस दौरान नागरिकों ने नगर निगम और विशेष रूप से महापौर मंजूषा भगत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से क्षेत्र की एक बड़ी समस्या का समाधान संभव हो पाया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल रोड शहर का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं, अभिभावक, व्यापारी और आम नागरिक आवागमन करते हैं। सड़क की स्थिति लंबे समय से बेहद खराब थी। बरसात के दिनों में यहां पानी भर जाता था, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। कई बार दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार भी हुए। क्षेत्रवासियों ने कई बार सड़क निर्माण की मांग उठाई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था।
अब सड़क निर्माण कार्य शुरू होने और तेजी से काम होने पर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने एकत्र होकर मिठाई बांटी तथा एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। लोगों ने कहा कि सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा।
क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग वर्षों पुरानी थी। कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन इस बार नगर निगम ने गंभीरता दिखाते हुए काम शुरू कराया है। लोगों का कहना है कि महापौर मंजूषा भगत ने जनसमस्याओं को प्राथमिकता देते हुए सड़क निर्माण को मंजूरी दिलाई, जिसके लिए पूरा क्षेत्र उनका आभारी है।
इस अवसर पर कई सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी और स्थानीय निवासी मौजूद रहे। लोगों ने कहा कि शहर के अन्य जर्जर मार्गों का भी इसी तरह जल्द निर्माण कराया जाना चाहिए ताकि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि विकास कार्यों से जनता का भरोसा मजबूत होता है और जब जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं तो उसका सकारात्मक असर पूरे शहर में दिखाई देता है। स्कूल रोड का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





