
सूरजपुर/जयनगर :– किसान खाद के लिए दर-दर भटकते रहे और इधर जयनगर की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति से हजारों बोरी खाद का हिसाब ही गायब हो गया। जांच में 6405 बोरी खाद कम पाए जाने से सहकारिता महकमे में हड़कंप मच गया है। गायब खाद की अनुमानित कीमत करीब 74.66 लाख रुपये बताई जा रही है।
जांच में डीएपी, यूरिया, एसएसपी पाउडर और जिंक समेत विभिन्न प्रकार की खाद की भारी कमी सामने आई है। इतनी बड़ी मात्रा में खाद आखिर कहां गई? स्टॉक रजिस्टर में दर्ज खाद वास्तविक भंडारण से कैसे गायब हो गई? और इस पूरे खेल में कौन-कौन शामिल है—ये सवाल अब जांच के घेरे में हैं।
मामले की जांच के बाद प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर समिति प्रबंधक श्यामलाल प्रजापति के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है और खाद के स्टॉक में हुई इस बड़ी गड़बड़ी की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब किसान खाद की कमी से परेशान होकर समितियों के चक्कर काट रहे थे, तब 6405 बोरी खाद आखिर कहां चली गई? क्या यह महज स्टॉक में गड़बड़ी है या इसके पीछे खाद की कालाबाजारी और सुनियोजित हेराफेरी का बड़ा खेल है? जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैकरा ने मामले में अपराध दर्ज होने और जांच कार्रवाई की पुष्टि की है। अब निगाहें पुलिस की जांच पर हैं कि लाखों रुपये की इस कथित खाद गड़बड़ी के पीछे सिर्फ एक जिम्मेदार है या पूरा नेटवर्क।





