सड़क निर्माण में मनमानी का आरोप, स्वीकृत मार्ग बदलने से ग्रामीणों में आक्रोश

आदिवासी कन्या छात्रावास, कोरवा-पंडो मोहल्ले समेत करीब 200 परिवार होंगे प्रभावित, ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की
बलरामपुर :– ग्राम पंचायत पिपरपान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत स्वीकृत सड़क के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वीकृत योजना के अनुसार सड़क का निर्माण पंचायत भवन पिपरपान से पिपरपान बस्ती तक होना था, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा कथित तौर पर स्वीकृत मार्ग में बदलाव कर सड़क को ग्राम पंचायत सुंदरपुर की ओर बनाया जा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का मार्ग बदलने से पिपरपान बस्ती का बड़ा हिस्सा बेहतर आवागमन सुविधा से वंचित हो जाएगा। सबसे ज्यादा असर कोरवा और पंडो जनजाति के परिवारों पर पड़ने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क नहीं बनने से दर्जनों परिवार मुख्य मार्ग से प्रभावित होंगे और उनके दैनिक आवागमन में परेशानी बढ़ेगी।
छात्रावास और स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच पर भी असर
ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित क्षेत्र में आदिवासी कन्या छात्रावास भी आता है। स्वीकृत मार्ग के बजाय दूसरी दिशा में सड़क बनाए जाने से छात्रावास तक पहुंचने वाला प्रमुख रास्ता प्रभावित होने की आशंका है। इससे छात्राओं के सुरक्षित आवागमन को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामाजिक स्थलों और मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) तक पहुंचने में भी ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों के अनुसार इस फेरबदल से करीब 200 परिवारों का क्षेत्र सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है।
स्वीकृत मार्ग पर ही सड़क बनाने की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वीकृत नक्शे और योजना के विपरीत सड़क निर्माण किया जाना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की तत्काल जांच कराने और मौके की स्थिति का निरीक्षण करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सुंदरपुर की ओर किए जा रहे सड़क निर्माण की जांच कराई जाए और यदि मार्ग स्वीकृत योजना से अलग पाया जाता है तो निर्माण को रोककर पंचायत भवन पिपरपान से पिपरपान बस्ती तक स्वीकृत मार्ग पर ही PMGSY सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि योजना का वास्तविक लाभ बस्ती के लोगों और जरूरतमंद परिवारों को मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण केवल कागजों में लक्ष्य पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि उस आबादी तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए होना चाहिए जिसके लिए योजना स्वीकृत की गई है।



