
सूरजपुर/रामानुजनगर :– रामानुजनगर के ग्राम भूनेश्वरपुर स्थित प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। घटिया भोजन, सुविधाओं के अभाव और सुरक्षा संबंधी गंभीर अनदेखी से परेशान होकर छात्रावास की आदिवासी छात्राएं भीषण धूप के बीच रामानुजनगर-कालुवा स्टेट हाईवे पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हो गईं।
सड़क पर प्रदर्शन के दौरान कई छात्राएं अपनी व्यथा बताते हुए रो पड़ीं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से मेन्यू के अनुसार भोजन और नाश्ता नहीं दिया जा रहा है। भोजन में सड़े-गले चावल, खराब सब्जियां और पानी जैसी पतली दाल परोसी जा रही है। इसके अलावा, दैनिक उपयोग की जरूरी चीजें—जैसे साबुन, तेल और टूथपेस्ट—महीने में केवल एक बार ही नाममात्र के लिए दी जाती हैं।
छात्रावास संचालन में बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप :–
छात्राओं ने अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे स्वयं छात्रावास में अनुपस्थित रहती हैं और उनके स्थान पर उनका 23 वर्षीय पुत्र छात्रावास के संचालन और व्यवस्थाओं में अनधिकृत रूप से हस्तक्षेप करता है बालिका छात्रावास में किसी बाहरी व्यक्ति की ऐसी मौजूदगी छात्राओं की सुरक्षा और निजता पर बड़ा सवाल खड़ी करती है।
जर्जर भवन और सुविधाओं का संकट
छात्रावास के भवन और रसोईघर की हालत अत्यंत जर्जर है। बारिश में छत से पानी टपकता है। भीषण गर्मी के बावजूद अधिकांश पंखे बंद पड़े हैं और छात्राओं को टूटी-फूटी चटाइयों पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और छात्र नेताओं का समर्थन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और छात्र नेता मौके पर पहुंचे। जिला मीडिया प्रभारी अविनाश साहू, विक्की यादव, हुसैन अंसारी और सुमंत राजवाड़े सहित अनेक ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं की मांगों का समर्थन किया।
छात्राओं एवं क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांगें
1. अधीक्षिका का निलंबन- अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए।
2. अनधिकृत हस्तक्षेप पर कार्रवाई, बालिका छात्रावास में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश और हस्तक्षेप के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
3. स्टॉक व रिकॉर्ड की जांच, राशन पंजी, स्टॉक रजिस्टर, मेन्यू और बिल-वाउचर का तत्काल भौतिक सत्यापन कराया जाए।
4. गुणवत्तापूर्ण भोजन व सामग्री, निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन तथा पर्याप्त मात्रा में बिस्तर, साबुन और तेल उपलब्ध कराया जाए।
5. भवन की मरम्मत, जर्जर रसोईघर, खराब पंखों और पेयजल व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
छात्राओं और क्षेत्रवासियों जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई नहीं करते तब तक उनका शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा। लेकिन कुछ ही समय में जिला स्तरीय टिम तत्काल मौके पर पहुंची और बच्चियों के मांगों को लेकर आश्वासन देते हुए प्रदर्शन समाप्त कराया।





