
सूरजपुर/भटगांव :– सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत डुमरिया में इन दिनों कोयला माफिया और अवैध ईंट भट्टा संचालकों का नेटवर्क तेजी से सक्रिय होता नजर आ रहा है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही लाल ईंट निर्माण का कारोबार जहां तेजी पकड़ता है, वहीं डुमरिया में यह कारोबार अब अवैध रूप ले चुका है गांव में कई स्थानों पर बिना किसी वैध अनुमति के ईंट भट्टों का संचालन किया जा रहा है।
इन भट्टों में बड़ी मात्रा में चोरी का कोयला खपाया जा रहा है, जिससे सरकारी संसाधनों की खुली लूट हो रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार रोजाना साइकिल और बाइक के माध्यम से भारी मात्रा में कोयला खदानों से गायब किया जा रहा है, जो सीधे इन अवैध भट्टों तक पहुंच रहा है।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि माइनिंग विभाग द्वारा इस पूरे मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी बीच शुक्रवार सुबह एक गुप्त सूचना के आधार पर ग्राम डुमरिया में अमृत लाल विश्वकर्मा के घर पर भारी मात्रा में अवैध कोयला जमा होने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर जांच करने पर बड़ी मात्रा में कोयला पाया गया, साथ ही ईंट भट्टा संचालन की तैयारी भी स्पष्ट रूप से नजर आई।
इसकी सूचना तत्काल भटगांव थाना प्रभारी मनोज सिंह को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पाया गया कि कोयले से संबंधित कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं था और ईंट भट्टा संचालन की भी कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
मौके पर मौजूद एएसआई नंदलाल सिंह द्वारा संबंधित व्यक्ति अमृत लाल विश्वकर्मा का बयान लिया गया तथा नोटिस जारी कर वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, ईंट भट्टा संचालन को तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश भी दिए गए हैं।
हालांकि, यह कार्रवाई प्रारंभिक स्तर तक ही सीमित नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक मामला नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैले अवैध कारोबार की एक कड़ी है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह अवैध धंधा और भी व्यापक रूप ले सकता है, जिससे पर्यावरण और सरकारी राजस्व दोनों को भारी नुकसान होगा।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और कलेक्टर इस गंभीर मामले में क्या संज्ञान लेते हैं और माइनिंग विभाग की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं या नहीं।
भटगांव थाना प्रभारी मनोज सिंह ने कहा है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले पर अब प्रशासनिक कार्रवाई और जवाबदेही सबसे बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।





