
छत्तीसगढ़ :– एक कथावाचक द्वारा संस्कृति मंत्री पर भागवत कथा का भुगतान नहीं मिलने का गंभीर आरोप लगाकर आत्मदाह की धमकी देने का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन यह मामला वैसा नहीं कुछ और ही है।
जानकारी के अनुसार वृंदावन के कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज का एक वीडियो फेसबुक पर वायरल हुआ, जिसमें वे छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन, नवा रायपुर के पास से वीडियो बनाकर यह कहते दिखे कि उन्होंने जनवरी में लखनपुर में श्रीमद् भागवत कथा का वाचन किया था, जिसकी 15 लाख रुपये की राशि उन्हें अब तक नहीं मिली है। उन्होंने राशि नहीं मिलने पर आत्मदाह की धमकी भी दी।
जब इस मामले का पड़ताल किया गया तो पता चला कि अंबिकापुर जिले के लखनपुर क्षेत्र के एक शिव मंदिर में स्थानीय महिला नेत्री द्वारा 2 से 9 जनवरी तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कराया गया था, जिसमें कथावाचन डॉ. रामानुरागी महाराज ने किया था। आयोजन के बाद महिला नेत्री ने कथावाचक के साथ मिलकर संस्कृति विभाग से 15 लाख रुपये अनुदान देने का आग्रह करते हुए लिखित आवेदन भी दिया था।
इस मामले में मंत्री राजेश अग्रवाल का कहना :–👇🏻👇🏻👇🏻
राजेश अग्रवाल ने उन्हें स्पष्ट कर दिया था कि इस तरह के धार्मिक आयोजन के लिए अनुदान देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने आवेदन को विभाग को अग्रेषित कर दिया और साथ ही कहा होना नहीं होना ये मेरे हाथ में नहीं है।





