
सूरजपुर :– कुसुम लता राजवाड़े ने विधानसभा में प्रस्तुत राज्य बजट को पूरी तरह निराशाजनक बताते हुए कहा है कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने आरोप लगाया कि ओ.पी. चौधरी द्वारा पेश किया गया बजट केवल आंकड़ों का खेल है, जिसमें जमीनी विकास की स्पष्ट दिशा नजर नहीं आती।
राजवाड़े ने कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं तो की हैं, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए ठोस प्रावधान और स्पष्ट कार्ययोजना का अभाव है। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और छोटे व्यापारियों के हितों की अनदेखी की गई है। रोजगार सृजन, महंगाई नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर बजट में ठोस पहल नहीं दिखाई देती।
उन्होंने विशेष रूप से नगर निकायों की उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों के विकास, पेयजल व्यवस्था, सड़क निर्माण, स्वच्छता और आवास जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। इससे स्थानीय निकायों के विकास कार्य प्रभावित होंगे और जनता को सीधा नुकसान उठाना पड़ेगा।
राजवाड़े ने कहा कि यह बजट जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है और सरकार ने जनता को केवल आश्वासन देने का प्रयास किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगा और जरूरत पड़ी तो सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष किया जाएगा।
उन्होंने अंत में कहा कि प्रदेश की जनता अब केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी, बल्कि उन्हें धरातल पर दिखने वाला विकास चाहिए।





