छत्तीसगढ़सूरजपुर

सेक्टर अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता का दिया गया प्रशिक्षण

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सूरजपुर  विधानसभा निर्वाचन 2023 को स्वतंत्र निष्पक्ष रूप से सम्पन्न कराने हेतु वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संजय अग्रवाल जी के निर्देशन में विधानसभा क्षेत्र-04 प्रेमनगर, 05 भटगांव और 06 प्रतापपुर के समस्त सेक्टर अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आदर्श आचार संहिता का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों को बताया गया। आयोग द्वारा निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाती है। इसका उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्वक निर्वाचन प्रक्रिया को सम्पन्न कराना होता है। यह आचार संहिता सभी राजनैतिक दल, सभी अभ्यर्थी, सभी मंत्री, विधानसभा सदस्य, सभी शासकीय कर्मचारी सभी संगठन, कमीशन, कमेटी जिसमें शासकीय धन का निवेश होता है। साथ-साथ आमजनों पर भी लागू होती है। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री पी.सी. सोनी प्राचार्य द्वारा यह बताया गया कि चुनाव कार्यक्रम का घोषणा होते ही 24 घण्टे के भीतर सभी शासकीय संपत्तियों से राजनैतिक संबद्धता वाले सभी फ्लैक्सी, बैनर, पोस्टर, होर्डिंग, दीवार लेखन, राजनीति में सक्रिय व्यक्तियों की चित्र, संदेश शासकीय वेबसाइट से राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के फोटो, संदेश को हटाया जायेगा। केन्द्र एवं राज्य शासन के सरकारी उपक्रम, स्थानीय निकाय में राजनैतिक नेताओं, पदाधिकारियों को दी गई शासकीय वाहन वापस लिये जायेंगे। शासकीय वाहनों का दुरुपयोग को रोका जायेगा। 48 घण्टों के भीतर सार्वजनिक स्थलों जैसे- रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, बिजली के खम्में, वृक्षों, सड़क एवं पुल के किनारों से सरकारी खर्च पर लगाये गये होर्डिंग, राजनैतिक विज्ञापन, निर्वाचन पोस्टर पम्पलेट हटाये जायेंगे इसी प्रकार निजी सम्पत्ति से विरूपण को हटाने के लिए 72 घण्टे के भीतर कार्यवाही की जायेगी। मास्टर ट्रेनर द्वारा सम्पत्ति विरूपण रोकथाम के अनेक उपबन्धों की जानकारी दी गई। नवीन शासकीय कार्य प्रारम्भ नहीं होंगे। लोकार्पण, शिलान्यास, भूमिपूजन, टेन्डर नहीं होंगे। स्वेच्छा अनुदान निधि से कोई स्वीकृति, भुगतान नहीं होगी। प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर सरकारी खर्चे पर कोई विज्ञापन जारी नहीं होंगे। सभी सेक्टर अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता लागू होते ही अपेक्षित आचरण के बारे में बताया गया। उन्हें चुनाव में निष्पक्ष रहना है। शासकीय कर्मचारी को किसी भी चुनाव अभियान, चुनाव प्रचार, चुनावी सभा, चुनावी रैली में भाग नहीं लेनी चाहिए। आदर्श आचार संहिता लागू होते ही राजनैतिक दल एवं अभ्यर्थी के मार्गदर्शन हेतु सामान्य आचरण के बारे में विस्तार से बताया गया उन्हें ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जो विभिन्न जाति, धर्म, सम्प्रदाय के बीच विद्वेष, घृणा का भाव उत्पन्न करे। धार्मिक स्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार हेतु नहीं करना चाहिए। उन्हें ऐसे सभी कार्य से परहेज करना चाहिए जो चुनाव कानून के अन्तर्गत चुनाव अपराध या भ्रष्ट आचरण है। निर्वाचन के दौरान वाहनों के दुरुपयोग पर रोकथाम के बारे में विस्तार से बताया गया। आमसभा, चुनावी रैली, लाउडस्पीकर का उपयोग करने हेतु अभ्यर्थी द्वारा सक्षम अधिकारी से अनुमति ली जायेगी। रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। मतदान समाप्ति के 48 घण्टे पूर्व से आम सभाएं, चुनावी रैली, रोड शो, लाउडस्पीकर का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। समय सभी सेक्टर अधिकारियों को निर्वाचन पोस्टर, पम्पलेट प्रचार सामग्री मुद्रण के संबंध में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127-क के बारे में बताया गया इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में आदर्श आचार संहिता के नोडल अधिकारी श्री नरेन्द्र पैकरा, संयुक्त कलेक्टर उपस्थित रहे।

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