
सूरजपुर/प्रतापपुर:– शासकीय कालिदास महाविद्यालय कॉलेज रोड का स्थिति हुआ बदहाल, पूर्व में भी भाजपा और कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री रहने पर भी आज तक नहीं बन पाई सही तरीके से सड़क, बड़े-बड़े क्षेत्र में विकास के दावा करने वाले क्षेत्रीय विधायक व मंत्रियों का शासन काल का खुल रहा पोल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं हो रहे आक्रोशित व दुर्घटना का शिकार काफी धूल भरी मार्ग हो चुकी है बद से बत्तर जिसको लेकर कई बार कॉलेज के छात्रों ने प्रशासन को ज्ञापन दिया है,,
रोड में मुरम डाल कर लोगों को संतुष्ट करने की कोशिश की गई,
सवाल उठता है क्या मुरूम से धूल उड़ने बंद हो जाएंगे छात्रों के कपड़े गंदे नहीं होंगे,
आखिर कब तक ऐसे ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा,
कुछ हफ्ते पूर्व छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर लैंडिंग कॉलेज ग्राउंड प्रतापपुर में होने वाला था जिसको आनन फानन में अधिकारी अपने ऊपर लगे हुए दागों को मिटाने के लिए मोर मिटटी डलवा कर गड्ढों को छुपाने का प्रयास किया हालांकि मुख्यमंत्री के लैंडिंग उक्त स्थान पर नहीं हो पाई आम जनता ने कहा कि कम से कम यह आधा अधूरा सड़क अगर मुख्यमंत्री आ जाते तो यह बन जाता तो बन जाता, करीब 3 दशकों से अपने सड़क की अस्तित्व के लिए लड़ रहा महाविद्यालय सड़क विहीन हो गया है। महज 500 मीटर की यह सड़क बनाने में आज तक शासन प्रशासन सहित भाजपा कांग्रेस के जो दिग्गज मंत्री रह चुके वह भी अपने शासनकाल में नहीं बना सके, ना किसी विधायक का नजर पड़ता है ना किसी मंत्री को कॉलेज के छात्राओं सहित ग्रामीणों का चिंता है। ना ही जनता का दर्द देखा जाता है।
सिलौटा ग्राउंड में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी आए थे, उनका हेलीकॉप्टर कॉलेज ग्राउंड में उतरने की जानकारी थी जिसके वजह से रोड को बनाने की जो कवायद शुरू की गई थी,वो कम अब ठंडे बस्ते में चली गई है।
काश साय सरकार की हेलीकॉप्टर यही लैंडिंग होता तो कम से कम रोड तो बन जाता, इसी बहाने छात्रों को आसपास के लोगों को व प्रतापपुर वासियों को इसका फायदा मिलता,
लोगों को इसी बात का मलाल है कि काश के मुख्यमंत्री जी का हेलीकॉप्टर कॉलेज ग्राउंड में ही उतरता कम से कम रोड तो चमचमाती हुई मिल जाती न जाने अब कब मुख्यमंत्री जी यहां उतरेंगे और यह रोड बनेगी आखिर यह रोड कब बनकर तैयार होगी। कई बार छात्र-छात्राओं द्वारा शासन प्रशासन को सड़क बनाने की मांगों को लेकर ज्ञापन सोपा गया मगर इस ओर आज तक किसी विधायक या मंत्री ने इस पर पहल नहीं किए।
विकास के बड़े-बड़े दावा करने वाले सरकार आते और बदलते रह गए मगर महाविद्यालय का सड़क जैसा का तैसा आज तक पढ़ा हुआ है। महज 500 मीटर की यह सड़क प्रतापपुर के ऊपर बदनुमा दाग के जैसा हो गया है। और देखना यह होगा कि इस सड़क निर्माण में कौन जनप्रतिनिधि या नेता आकर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं सहित ग्रामीणों की समस्या को सुनते हैं।





