
पंचायत कर्मी का आरोप—छाता, लात और थप्पड़ों से की मारपीट, मोबाइल भी तोड़ा,,
सूरजपुर/बिश्रामपुर :– जिले के अपर कलेक्टर जगरनाथ वर्मा एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। बिश्रामपुर में लाइफलाइन कैंप के पास एंबुलेंस के आवागमन के लिए रास्ता समतलीकरण के काम के दौरान एक पंचायत कर्मी ने अपर कलेक्टर पर बेरहमी से मारपीट करने और मोबाइल तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पंचायत स्तर पर प्लेसमेंट के माध्यम से कार्यरत आकाश सिन्हा रास्ता लेवलिंग के काम में लगा हुआ था। आरोप है कि काम में कमी को लेकर अपर कलेक्टर जगरनाथ वर्मा नाराज हो गए और उन्होंने आकाश के साथ कथित तौर पर हाथ से थप्पड़ मारने के साथ छाता और लात से भी मारपीट की।
घटना के बाद आकाश सिन्हा और उसके साथ काम कर रहे अन्य लोगों ने बिश्रामपुर थाने पहुंचकर आवेदन दिया। मजदूरों ने पूरे मामले को लेकर विरोध जताते हुए अपर कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
अपर कलेक्टर जगरनाथ वर्मा पर विवादों में घिरने का यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। इससे पहले जब वे सूरजपुर एसडीएम के पद पर थे, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पत्रकार से कथित मारपीट तथा मोबाइल तोड़ने के आरोपों को लेकर भी काफी हंगामा हुआ था और मामला सूरजपुर थाने तक पहुंचा था।
इसके बाद अपर कलेक्टर बनने के बाद भी जमीन विवाद से जुड़े मामलों को लेकर उनका नाम विवादों में सामने आता रहा है।
प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी पर आरोप से उठे सवाल?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आकाश सिंहा के द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं, तो क्या किसी प्रशासनिक अधिकारी को काम में कमी पाए जाने पर कर्मचारी या मजदूर के साथ इस तरह मारपीट करने का अधिकार है? मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल मजदूरों के आवेदन के बाद मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। कलेक्टर जगरनाथ वर्मा का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।





