
अंबिकापुर:– गांधीनगर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सुकरी ग्राम पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं और घोटाले के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें समय पर राशन नहीं मिल रहा, जबकि वितरणकर्ता द्वारा उनके राशन कार्ड लेकर भी राशन नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, राशन वितरण करने वाला व्यक्ति अक्सर नशे की हालत में रहता है और लोगों से राशन कार्ड लेकर उन्हें बिना राशन दिए लौटा देता है। इतना ही नहीं, कई ग्रामीणों को फरवरी माह का राशन भी अब तक नहीं मिल पाया है। स्थिति तब और चिंताजनक हो गई जब राशन वितरण स्थल पर कई राशन कार्ड फेंके हुए पाए गए।
सुकरी पंचायत में लगभग 1150 राशन कार्ड धारक हैं ग्रामीणों का कहना है कि 31 मार्च अंतिम तिथि होने के कारण वितरणकर्ता यह कह रहा है कि जिनका अंगूठा (बायोमेट्रिक) लग चुका है, उन्हें बाद में राशन दिया जाएगा, जबकि जिनका ऑनलाइन एंट्री नहीं हुआ है, उन्हें राशन से वंचित होना पड़ सकता है। इस तरह की मनमानी से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को बड़ी लापरवाही और संभावित घोटाला बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो किसी ने फोन तक नहीं उठाया और न ही वापस कॉल किया गया।
मौके पर मौजूद उपसरपंच और सरपंच पति मौजूद रहे उनका भी यही कहना है समिति प्रभारी द्वारा लापरवाही किया जा रहा, उपरचन ने अधिकारी को इस बात की जानकारी पहले भी दिया गया है।
इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है, और जिनको राशन नहीं मिला उन्हें राशन की पूर्ति किस प्रकार की जाती है, या यूंही ग्रामीण बेबस और असहाय रह जाएंगे…



