
अंबिकापुर :– शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा जारी हॉस्पिटल इंफेक्शन रिपोर्ट में सप्लाई नलों से लिए गए पानी के नमूनों में बैक्टीरियल लोड मानक से अधिक पाया गया है। रिपोर्ट ने संकेत दिया है कि कई स्थानों पर पानी संभावित फीकल कंटामिनेशन से प्रभावित हो सकता है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
अंबिकापुर शहर में विभिन्न स्थानों पर चल रहे खुदाई कार्यों के कारण मुख्य पाइपलाइन और घरेलू कनेक्शन क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने आई हैं। कई इलाकों में मटमैला और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है, जिसे लोग पीना तो दूर, स्नान के लिए भी अनुपयुक्त बता रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मोमिनपुरा, रसूलपुर, महामाया रोड, रिंग रोड, अग्रसेन चौक, बरेज पारा, ब्रम्हरोड, राममंदिर रोड, पुराना बस स्टैंड, शीतला वार्ड, सत्तीपारा और बाबुपारा शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले ने कई घरों से पानी के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार अभी एक ही दिन में मोमिनपुरा क्षेत्र अयान मार्ग गली में निवासरत 42 लोगों का रिपोर्ट पॉजिटिव आया है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती हैं। इसी दौरान शासकीय और निजी अस्पतालों में पीलिया के मरीजों की संख्या में प्रतिदिन बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ मामलों में हेपेटाइटिस ए संक्रमण के मरीज भी सामने आए हैं, जिसमें कई मरीज लिवर इंफेक्शन से भी प्रभावित हैं। दूषित जल से बच्चों में संक्रमण का असर अधिक देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट सलाह दी गई है कि जल स्रोतों का समुचित डिसइन्फेक्शन किया जाए, संरचनात्मक त्रुटियों को दूर किया जाए, पंप एवं उपकरणों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा पर्याप्त शुद्धिकरण के बाद ही पानी को उपयोग योग्य घोषित किया जाए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) और नगर निगम के स्तर पर भी नियमित रूप से पाइपलाइन लीकेज की जांच, जल टंकियों की सफाई और क्लोरीनेशन की निगरानी अनिवार्य बताई गई है। बावजूद इसके दोनों विभाग की सुस्ती के कारण नागरिकों को दूषित पानी का सेवन करना पड़ रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग को अब ज्यादा सजग रहने की जरूरत है। शहर में सैकड़ों लोग इस समय पीलिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। बढ़ते संक्रमण और रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंबिकापुर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर तत्काल ठोस और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है, अन्यथा यह समस्या बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।





