
अंबिकापुर :– सरगुजा संभाग में वयस्क साक्षरता को गति देने तथा 26 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले उल्लास मेला और मार्च 2026 में प्रस्तावित अंतिम महापरीक्षा की तैयारियों को लेकर आज सरगुजा संभाग के संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय में संभागस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सरगुजा संभाग के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, जिला मिशन समन्वयक, जिला परियोजना अधिकारी (साक्षरता), विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड परियोजना अधिकारी (साक्षरता) उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य एजेंडा 26 जनवरी 2026 को प्रत्येक ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाले उल्लास मेला की तैयारियों तथा 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों के ऑनलाइन सर्वे और मार्च 2026 में आयोजित अंतिम महापरीक्षा की रणनीति तय करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए संभागीय संयुक्त संचालक श्री संजय गुप्ता ने कहा कि 26 जनवरी को प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम प्रभारी के नेतृत्व में नव साक्षरों एवं स्वयंसेवकों द्वारा उल्लास मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में विभिन्न शैक्षणिक एवं जीवन कौशल आधारित स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनका संचालन स्वयं नव साक्षर एवं स्वयंसेवक करेंगे। उन्होंने बताया कि मेला प्रातः 10ः30 बजे से सायं 5ः00 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
संयुक्त संचालक श्री गुप्ता ने कहा कि राज्य शासन की मंशा है कि वर्ष 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूर्ण साक्षर राज्य बनाया जाए। इसी लक्ष्य के अनुरूप सरगुजा संभाग का भी उद्देश्य है कि मार्च 2026 तक संभाग को पूर्ण साक्षर घोषित किया जा सके। इसके लिए राज्य के निर्देशानुसार 15 वर्ष से अधिक आयु के सभी असाक्षरों का सर्वे 30 जनवरी 2026 तक पूर्ण किया जाना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि सर्वे के पश्चात उल्लास प्रवेशिका के माध्यम से शिक्षार्थियों को 200 घंटे का अध्ययन कराया जाएगा तथा मार्च 2026 में आयोजित अंतिम महापरीक्षा में सम्मिलित कर उन्हें सफल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महापरीक्षा एक व्यापक अभियान है, जिसे सभी के सहयोग, सतत निगरानी एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से ही सफल बनाया जा सकता है।
संयुक्त संचालक ने निर्देश दिए कि संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, जिला परियोजना अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने स्तर पर शीघ्र बैठक आयोजित कर सर्वे कार्य प्रारंभ कराएं तथा सर्वे के पश्चात निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर जिला परियोजना अधिकारी (साक्षरता) श्री गिरीश गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष आयोजित होने वाली महापरीक्षा में कक्षा 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थी, जो स्वयंसेवक के रूप में कार्य करेंगे, उन्हें भी बोनस अंक प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उल्लास मेला प्रत्येक ग्राम पंचायत के चयनित विद्यालयों में ही आयोजित किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने उल्लास मेला एवं अंतिम महापरीक्षा से संबंधित प्राप्त प्रशिक्षण की जानकारी साझा की तथा आयोजन की रूपरेखा पर मार्गदर्शन दिया।





