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अंबिकापुर में नकली सिगरेट फैक्ट्री पर छापा, करोड़ों का माल जब्त..

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अंबिकापुर :– शहर और जिलेभर में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली सिगरेट की बड़े पैमाने पर बिक्री किए जाने का भंडाफोड़ हुआ है। जब इस अवैध कारोबार की पुख्ता जानकारी सिगरेट बनाने वाली अग्रणी कंपनी आईटीसी लिमिटेड को मिली, तो कंपनी ने अपने प्रतिनिधि के माध्यम से मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी व्यवसाई के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। शनिवार की दोपहर प्रशासन और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने नकली सिगरेट के गोदाम पर छापा मारा, जहां से भारी मात्रा में नकली सिगरेट बरामद की गई है।

Fake, नकली सिगरेट: आईटीसी ने दर्ज कराई शिकायत, मिले थे नकली सिगरेट के सुराग

आईटीसी लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि, सदानंद मिश्रा (पिता सूर्यनारायण मिश्रा, ई 65 छतरपुर एक्सटेंशन, नई दिल्ली) ने कोतवाली में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि आईटीसी लिमिटेड के जिम्मेदारों को जानकारी मिली थी कि कंपनी के विभिन्न प्रतिष्ठित ब्रांडों, जैसे गोल्ड फ्लेक, फ्लेक, फ्लेक लिबर्टी, गोल्ड फ्लेक इंडीमिंट सहित अन्य ब्रांडों के नकली और उल्लंघनकारी सिगरेट उत्पाद बड़े पैमाने पर वितरण और प्रचलन में लाए जा रहे हैं।

Fake, नकली सिगरेट: कपिल मित्तल एंड संस के गोदाम और निवास पर थी आपूर्ति

शिकायतकर्ता सदानंद मिश्रा ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह भी पता चला था कि कपिल मित्तल एंड संस के महाराजा अग्रसेन मार्ग अंबिकापुर स्थित गोदाम और राम मंदिर रोड स्थित निवास से इसका बड़े पैमाने पर आपूर्ति और बाजार में बिक्री के लिए वितरण किया जा रहा है।

इस प्रमाणित जानकारी के आधार पर जब विभिन्न प्रतिष्ठानों का गोपनीय दौरा किया गया, तो नकली सिगरेट की बिक्री की पुष्टि हुई। इसमें थोक विक्रेता द्वारा गोल्ड विमल और गोल्ड फिल्टर ब्रांड की बिक्री भी शामिल थी, जिसका अवैध रूप से निर्माण एक इकाई द्वारा किया जा रहा था, जिसका नाम गोल्ड स्टेप टोबैको प्राइवेट लिमिटेड है।

उपभोक्ता स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, सख्त कार्रवाई की मांग

आईटीसी प्रतिनिधि सदानंद मिश्रा ने बताया कि नकली सिगरेटों का यह अवैध व्यापार उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है, और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि इस तरह के अवैध निर्माण और बिक्री से न केवल कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है, बल्कि सरकारी राजस्व की भी हानि होती है।

आईटीसी लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि की शिकायत के आधार पर, कोतवाली पुलिस ने आरोपी व्यवसाई के खिलाफ तुरंत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (4), 349, कॉपी राइट एक्ट संशोधित 1957 की धारा 67, और ट्रेड मार्क अधिनियम 1944 की धारा 104 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा है कि अब आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है, और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जाएगी।

Fareed Khan

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