
कई बार हो चुकी है थाने व प्रशासन के पास शिकायतें, पूर्व में जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने आंदोलन भी किये
सूरजपुर :– राष्ट्रीय राजमार्ग में रेण नदी के पास बने पचिरा टोल प्लाजा लगातार सुर्खियों में रहता है। आये दिन लोगों से हुज्जतबाजी और टोल प्लाजा के बेलगाम बड़बोले कर्मचारियों को लेकर कई बार कलेक्टर, एसपी व थाने में शिकायत होने के बाद फिर एक बार परिवार के सदस्यों के साथ हुई लूटपाट और गाली-गलौज के मामले में शिकायत कोतवाली तक पहुंची है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नगर के इम्तियाज खान की पुत्री का विवाह कुरूवां स्थित आनंद रिहंदम में था और मंगलवार को वाहनों की आवाजाही भी लगी हुई थी। विवाह हेतु उनकी पुत्री को जब ले जा रहे थे, तभी टोल गेट पर फास्टैग का पैसा खत्म होने के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ी, जिस पर इम्तियाज खान ने नगद पैसा देने की बात कही तो टोल कर्मचारियों ने उनके साथ बदतमीजी किए, इम्तियाज खान द्वारा समझाया गया कि बेटी की शादी है फिलहाल आप नगद पैसा रखलो और आप समझ ही सकते हैं अभी मै कितनी जल्दी में हूंगा, लेकिन कर्मचारियों ने तमाशा बनाते हुए गाली गलौज पर उतर आय और जब इम्तियाज खान ने इसका विरोध किया तो मारपीट पर उतारू हो गए मानो जैसे नशे के हालत में हो और कर्मचारियों ने हाथों में हॉकी व डंडे ले लिए। प्रार्थी के कथन अनुसार उस दौरान उनकी पुत्री दुल्हन के वेष में गाड़ी में सवार थी और रिश्तेदार भी थे, परंतु टोल कर्मचारी नहीं माने और उससे छिनाछपटी करते हुए 18 हजार रूपए भी लूट लिये। प्रार्थी किसी तरह वहां से धक्का-मुक्की और हुज्जतबाजी के बीच अपनी बेटी को लेकर निकला और रात को विवाह के उपरांत दूसरे दिन सुबह कोतवाली पहुंचकर इस पूरे घटनाक्रम की सूचना थाने में दी। वहीं दूसरी ओर इस मामले में टोल कर्मचारियों ने भी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों मामलों की जांच और सीसी टीव्ही फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आये दिन विवादों में रहता है टोल
पचिरा टोल में आये दिन विवादों के कारण हमेशा लोगों की रडार पर रहता है। टोल कर्मचारियों की बदतमीजी और गाली-गलौज के कई मामले सोशल मीडिया पर भी वायरल होते रहते हैं। कई बार लोग लोक-लाज के भय के कारण अपमान का घुट पीकर टोल से निकल जाते हैं, जिससे टोल कर्मचारियों का मनोबल और बढ़ रहा है। टोल की शिकायतों को लेकर पूर्व में आंदोलन तक हो चुके हैं, परंतु एनएच के अधिकारियों और संबंधित विभाग की उदासीनता के कारण किसी दिन कहीं कोई बड़ा हादसा न घटित हो जाये।
तीन-तीन मार्ग होने के बाद आये दिन रहते हैं बंद..
टोल में आवाजाही के लिए दोनों तरफ से तीन-तीन बेरियर लगे हैं, किन्तु कर्मचारियों व टोल ठेकेदार के द्वारा निरंकुश होकर कई बार आने-जाने के लिए महज एक-एक रास्ते को ही खोला जाता है और शेष रास्तों पर बेरिकेटिंग या ड्रम रखकर बंद कर दिए जाने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें भी लगती हैं और किसी वाहन चालक या स्वामी के द्वार कुछ बोला गया तो टोल कर्मचारी संगठित होकर तुरंत विवाद पर आमदा हो जाते हैं।





