
पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा “प्रभावशाली आरोपी फंसा सकते हैं झूठे केस में”
सूरजपुर :– अनुसूचित जाति वर्ग के दो ग्रामीणों ने गांव के तीन प्रभावशाली व्यक्तियों पर जातिगत गाली-गलौज, धमकी और जबरन वसूली का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन शिकायत दर्ज हुए एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पीड़ित परिवार में भय और आक्रोश व्याप्त है।
पीड़ित सम्पत्ती सारथी (58) और अंगीरा सारथी (34), निवासी ग्राम कमलपुर, ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी पैतृक भूमि वर्ष 2024 में विक्रय की थी। जमीन खरीददार से किसी तरह का विवाद नहीं था, लेकिन बाद में गांव के ही शुभम अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल और बाबूलाल अग्रवाल ने उक्त भूमि को गोचर भूमि बताकर पहले खरीददार को, फिर पीड़ितों को धमकाना शुरू कर दिया।
आरोप है कि 8 अगस्त 2025 को तीनों आरोपियों ने गांव के सामने पीड़ितों को उनकी जाति का नाम लेकर अश्लील और जातिसूचक गालियां दीं, मारपीट की धमकी दी, और ₹5 लाख की मांग करते हुए कहा कि रकम नहीं देने पर उन्हें झूठे केस में फंसा देंगे तथा उनकी जमीन सरकारी घोषित करवा देंगे।
पीड़ितों का कहना है कि वे गरीब और अनुसूचित जाति वर्ग (घसिया) से आते हैं, जबकि आरोपी प्रभावशाली और पूंजीपति वर्ग के राजनीतिक लोग हैं। ऐसे में उन्हें डर है कि आरोपी किसी भी तरह से उन्हें झूठे आपराधिक मामले में फंसा सकते हैं।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिससे न्याय की उम्मीद क्षीण हो रही है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।





