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सूरजपुर के एसडीएम साहब आए दिन सुर्खियों पर, वृद्ध ग्रामीण ने लगाया एसडीएम पे गंभीर आरोप, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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सूरजपुर – 18.07.2024 जिले के ग्राम पचिरा के एक वृद्ध ग्रामीण ने एसडीएम जगन्नाथ वर्मा पर घर तोड़ने व जान से मारने का गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर सूरजपुर को लिखित शिकायत की हैं, कुछ लोग जब इस मामले की जानकारी कलेक्टरेट सूरजपुर को दिये तो उन्होंने ने कुछ प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं किये,, दूसरी ओर एसडीएम साहब ने इस शिकायत को बेबुनियाद बताते हुए कहे, ये रास्ता मद की जमीन है और मामला सार्वजनिक हेंडपम्प के उपयोग का है जिसकी जांच चल रही है.

दरअसल पुरा मामला सूरजपुर के ग्राम पचिरा का है जहां के रहने वाले वृद्ध राम कुमार का आरोप है कि कुछ समय पहले उनकी निजी भूमि पर जबरजस्ती कुछ लोगों के द्वारा शासकीय बोरिंग की खुदाई करवा दी गई थी. जिसका उन्होंने विरोध भी किया लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई. उन्होंने ने अपनी भूमि को सुरक्षित करने के लिए जब बाउंड्री खिंच ली तो आरआई और पटवारी ने मौके पर पहुंच दीवार गिराने को कह रहे हैं. लेकिन जब वे दीवार गिराने को राजी नही हुआ तो एसडीएम जगरनाथ वर्मा ने मोबाइल पर उसके पूरे घर पर बुलडोजर चलवाने के साथ जान से मारने की धमकी दी. जिसके बाद ग्रामीण ने कलेक्टर सूरजपुर कार्यालय पहुँच कर एसडीएम के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत की है..

सुनिए क्या कहा रामकुमार ने….  

वृद्ध ग्रामीण रामकुमार ने स्थानीय पत्रकारों को बताया कि उनके घर पहुंचे राजस्व विभाग के पटवारी व आर आई साहब ने उन्हें धमकाते हुए यह भी कहा कि कुछ दिन पहले सूरजपुर में एक पत्रकार को एसडीएम साहब ने पिटाई की है तुमको पता है नहीं हो तो पता कर लेना किसी को कुछ नहीं समझते. ग्रामीण ने बताया कि इसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल से एसडीएम साहब को फोन करके बात कराया इस पर एसडीएम साहब ने उन्हें कहा कि दीवाल तोड़ दो नहीं तो तुम्हारा घर भी तोड़ दूंगा..

ससुर को गाली भी दिए हैं,

रामकुमार की छोटी बहू प्रभा ने मिडिया को बताया कि आरआई व पटवारी उनके घर बिना किसी को बताए घुस गया और जमीन की नाप जोख करने लगे. इस दौरान वहां उपस्थित कुछ लोगों ने उनके ससुर को गालियां भी दी. सुनिए क्या कहा पीड़िता ने..

बहरहाल प्रदेश में गुड गवर्नेंस को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव सायं के द्वारा हर मौके पर कहा जाता है.यही नहीं उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को आम ग्रामीणों से बेहतर तालुका बनाने के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए हैं. इसके बावजूद आदिवासी बाहुल्य सूरजपुर जिले में जिस प्रकार से कुछ अधिकारियों के द्वारा ग्रामीणों के साथ अत्याचार करने का मामला सामने आ रहा है उससे कहीं ना कहीं सूरजपुर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर कई प्रश्न लगते हैं. अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में प्रंदेश की विष्णु देव सायं सरकार सूरजपुर के राजस्व अधिकारियों पर किस प्रकार कार्रवाई करते हैं।

Fareed Khan

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